Bharat Coking Coal IPO : 1071 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का मिला तगड़ा रिस्पांस

Bharat Coking Coal IPO

भारत की सबसे बड़ी कोल प्रोड्क्शन करने वाली कंपनी Coal India Limited है जो BCCL यानी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड पर मालिकाना अधिकार रखता है। भारत कोकिंग कोल (BCCL) का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। आपको बता दें, कि इस आईपीओ का साइज़ 1071 करोड़ का था जिसको रिकॉर्डतोड़ रेस्पोंस देखने को मिला। जहाँ यह 146 गुना से ज्यादा सबस्क्राइब हुआ, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दिखाता है।

आईपीओ के लिए निर्धारित तिथि

भारत कोकिंग कोल का आईपीओ 9 जनवरी से 13 जनवरी तक सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हुआ था। जहाँ इसकी प्राइस बैंड 21 रूपये से 23 रूपये प्रति शेयर के बीच रखा गया था, जबकि BCCL के कर्मचारियों के लिए यह 1 रूपये प्रति शेयर के डिस्काउंट के साथ दिया गया। भारत कोकीन कोल के आईपीओ में निवेश करने की न्यूनतम राशि 12600 रु. प्रति 600 शेयर था। इस आईपीओ की इश्यु साइज़ 1071 करोड़ का था, इसकी फेस वैल्यू 10 रु. अलॉटमेंट की तिथि 14 जनवरी और लिस्टिंग तिथि 16 जनवरी निर्धारित किया है।

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इस आईपीओ में खास बात यह रहा कि इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया गया बल्कि यह ऑफर फॉर सेल (OFS) था। वहीं इसमें से कोल इंडिया लिमिटेड ने अपनी 10% की हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है।

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रिकॉडतोड़ सब्सक्रिप्शन

भारत कोकिंग कोल के इस आईपीओ को हर केटेगरी से अच्छा रिस्पांस देखने को मिला। जहाँ QIB (Qualified Institutional Buyers) ने 310.81 गुना, NII (Non-Institutional Investors) ने 257.77 गुना, Retail Individual Investors (RII) ने 48.51 गुना, Employees ने 5.12 गुना,Shareholders ने 86.61 गुना सब्सक्रिप्शन लिया। इस तरह कुल सब्सक्रिप्शन में 146.39 गुना का उछाल देखने को मिला।

Gray Market से पॉजिटिव संकेत

ग्रे मार्केट में भी भारत कोकिंग कोल के आईपीओ को लेकर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। जहां आईपीओ का GMP ₹14 तक जा पहुंचा था। जो ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग 60% प्रीमियम पर प्रदर्शित हो रहा है। हालांकि बाजार एक्सपर्ट का मानना है कि इन्वेस्टर्स कल केवल GMP देखकर नहीं साथ ही कंपनी फंडामेन्टल को अच्छे से एनालिसिस करके ही इस पर दांव लगाना चाहिए।

देश की भरोसेमंद कंपनी

भारत कोकिंग कोल ने वित्तीय वर्ष 2025 में कोकिंग कोल का सबसे बड़ा उत्पादक रहा, इस कम्पनी ने 31 मार्च 2025 तक भारत में कुल कोयला संसाधन 389.4 अर्ब मीट्रिक टन आँका गया। जिसमें से कोकिंग कोल संसाधन 36.8 अरब टन है। देश के कुल घरेलू कोकिंग कोल के उत्पादन में BCCL की हिस्सेदारी 58.50% रहा। वहीं 1 अप्रैल 2024 तक भारत कोकिंग कोल के पास केवल 7.91 अरब टन कोकिंग कोल संसाधन था लेकिन 2025 में बढ़ोतरी हुआ है।

बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और लोकेशन

भारत कोकिंग कोल की खदानें झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य के झरिया, रानीगंज जैसे बाहुल्य कोयला वाले क्षेत्रों में स्थित हैं और इस कंपनी के पास कुल 288.31 वर्ग किलोमीटर का लीज एरिया है साथ ही BCCL के पास कोकिंग कोल वॉशरी क्षमता उच्च स्तर का है। इसकी वॉशरी ऑपरेशनल क्षमता करीब 13.65 मिलियन टन प्रति वर्ष है, यहाँ अच्छी गुणवत्ता का धुला हुआ कोयला सप्लाई करने में मदद मिलती है जो इसके कॉस्ट को घटाने और प्रॉफिट को बढ़ाने में मदद करता है।

उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी

भारत कोकिंग कोल कंपनी में पिछले कुछ वर्षों में इसके उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी ने अर्थ मूविंग मशीनरी का इस्तेमाल किया जिससे इसके उत्पादन में बढ़ोतरी हुआ। वित्त वर्ष 2021 में 39.11 मिलियन कोयले का उत्पादन किया गया जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले ज्यादा रहा।

Bharat Coking Coal की वित्तीय स्थिति

भारत कोकिंग कोल ने वित्त वर्ष 2023 में 12,349 करोड़, वित्त वर्ष 2024 में 13,161 करोड़, वित्त वर्ष 2025 में 13,083 करोड़ का रेवेन्यु किया। इसके मुनाफे की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 में 665 करोड़, वित्त वर्ष 2024 में 1,564 करोड़, वित्त वर्ष 2025 में 1,240 करोड़ का प्रॉफिट किया। वहीं Bharat Coking Coal के टोटल एसेट की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में 13,313 करोड़, वित्त वर्ष 2024 में 14,728 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में 17,283 करोड़ रहा वित्त वर्ष 2024 में रहा।

Bharat Coking Coal के Pros और Cons

भारत कोकिंग कोल का प्लस पॉइंट यह है ये कोकिंग कोल का सबसे बड़ा उत्पादक है। स्टील कंपनियों में इसकी भारी मांग रहती है, वॉशरी क्षमता सबसे अधिक और सबसे बड़ी बात यह है कि इस कंपनी का पूरा कण्ट्रोल कोल इंडिया लिमिटेड के हाथ में है। BCCL का माइनस पॉइंट यह है कि ये केवल झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र तक ही सीमित है। इसके अलावा यह कच्चे कोकिंग कोल पर अत्यधिक निर्भर रहता है। इसका नेगेटिव पॉइंट यह भी है BCCL की थर्ड पार्टी कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भरता बढ़ता जा रहा है।

भारत कोकिंग कोल का आईपीओ अपनी मजबूत फंडामेंटल, रिकॉर्ड तोड़ सब्सक्रिप्शन के कारण निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टील कंपनियों में कोकिंग कोल की बढ़ती माँग को देखते हुए भारत कोकिंग कोल को विशेषज्ञ लॉन्ग टर्म के लिए प्रेफर कर रहे हैं। हालांकि इसकी जोखिमों को ध्यान में रखकर भी रखकर इसमें निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

डिस्क्लेमर

यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य के लिए बताया गया है शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है हम किसी प्रकार की निवेश या buy/sell की सलाह नहीं देते। कृपया निवेश करने से पहले एक बार जरूर रिसर्च कर लें।

By PARAS

Paras Nath is a content creator at Buzzera.in, where he writes on news, entertainment, cricket, automobiles, and stock market updates. He strives to deliver content that is both engaging and informative for his readers.

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